EntertainmentLatest NewsTechnology

Mumbai Pune Corona Cases Today | Maharashtra Coronavirus Lockdown 4 District-Wise Updates; Mumbai Thane Pune Nashik olapur Aurangabad Nagpur Latest News | आज से भाजपा का ‘महाराष्ट्र बचाओ’ आंदोलन, 20 लाख लोगों ने वापस जाने के लिए किया आवेदन; सड़क हादसे में 4 मजदूरों की मौत

  • एमएमआरडीए द्वारा तैयार किया गया एक हजार बेड का हॉस्पिटल बीएमसी को हस्तांतरित हो गया है
  • कोरोना संक्रमण के बिना लक्षण वाले मरीजों पर आयुर्वेद का मैनॉल सिरप का ट्रायल किया जाएगा

दैनिक भास्कर

May 19, 2020, 10:24 AM IT

मुंबई. महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2,033 मामले सामने आ गए। साथ ही 51 लोगों की मौत भी हो गई है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले 35 हजार को पार कर गया है जबकि राज्य में कुल 1,249 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में 35,058 केस सामने आ चुके हैं जिसमें 25,392 एक्टिव केस हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के मुताबिक मुंबई में अब तक 21,152 केस सामने आए हैं जिसमें 757 की मौत हो चुकी है।

उद्धव सरकार के खिलाफ आज से भाजपा का ‘महाराष्ट्र बचाओं’ आंदोलन

कोरोना संक्रमण के बीच आज(मंगलवार) से भारतीय जनता पार्टी राज्य में ‘महाराष्ट्र बचाओं’ आंदोलन शुरू करने जा रही है। इसके तहत महाविकास आघाडी सरकार के फैसलों के खिलाफ मंगलवार को पार्टी के जनप्रतिधि, पदाधिकारी जिले के कलेक्टर और तहसीलदार को ज्ञापन देंगे। शुक्रवार 22 मई को पार्टी के सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि हाथ में तख्तियां लेकर खड़े रहेंगे। उन तख्तियों पर सरकार के विरोध में नारे लिखे होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने आरोप लगाया कि उद्धव सरकार कोरोना के विस्तार को रोकने में असफल रही है।

अपने-अपने राज्यों के लिए जा रहे प्रवासी मजदूरों की भीड़ सीएसटी स्टेशन पर नजर आई। यहां कुछ संस्थाओं ने इनके खाने का इंतजाम किया था।

20 लाख मजदूरों ने घर वापसी के लिए किया आवेदन

मुंबई को लेकर राज्य भर में 20 लाख मजदूर हैं, जो अपने राज्य में वापसी के लिए कोशिश कर रहे हैं। इसमें ज्यादातर उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चित बंगाल के मजदूर हैं। अब तक करीब 3 लाख मजदूरों को महाराष्ट्र सरकार ने उनके राज्यों में भेजा है। इसके अलावा सरकार के पास उन मजदूरों का कोई रिकॉर्ड नहीं है, जो अपने निजी वाहन से या पैदल चले गए हैं। इसकी पुष्टि खुद राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख की ओर से की गई है।

यवतमाल में ट्रक और बस की टक्कर में चार की मौत

महाराष्ट्र के सोलापुर में स्टेट ट्रांसपोर्ट की एक बस हादसे का शिकार हुई है। इस दुर्घटना में अब तक तीन प्रवासी मजदूरों और एक बस ड्राइवर की मौत हुई है। बस में झारखंड के प्रवासी मजदूर सवार थे। घायल मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस प्रवासियों को लेकर झारखंड की ओर जा रही थी। बस ने डम्पर को पीछे से टक्कर मारी है। हादसे में 15 लोग घायल हैं। बताया जा रहा है कि आरणी तहसील में डंपर और राज्य परिवहन की बस में भिड़ंत हुई। हादसा कितना भीषण था इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए।

बस पकड़ने के लिए लाइन में लगे प्रवासी मजदूरों को सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए समझाते हुए पुलिस वाले, राज्य में अब तक 20 लाख लोगों ने बाहर अपने राज्यों तक जाने का आवेदन किया है।

1026 बेड का हॉस्पिटल बीएमसी को सौंपा गया 

कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए एमएमआरडीए द्वारा तैयार किया गया एक हजार बेड का हॉस्पिटल बीएमसी को हस्तांतरित हो गया। सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में एमएमआरडीए के आयुक्त आरए राजीव ने बीएमसी कमिश्नर आईएस चहल को कोविड 19 के लिए बने स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को सौंपा। यह स्वास्थ्य केंद्र 1026 बेड का है। कुल 18 वॉर्ड में प्रत्येक में 28 बेड हैं। 504 बेड के साथ ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है। इसी तरह 9 वॉर्ड में प्रत्येक में 5 बेड हैं। इस तरह 522 बेड है, जो बिना ऑक्सीजन के है। साथ में 10 मोबाइल आईसीयू बेड है। अभी यहां 13 डॉक्टर, 8 नर्स और 14 वॉर्डबॉय हैं।

कोरोना लॉकडाउन के बीच मुंबई के फाइव गार्डन में बने ओपन जिम में कसरत करता एक शख्स। लॉकडाउन-4 के लागू होने के बावजूद जिम को बंद रखा गया है।

कोरोना लेकर अपने गांव न जाए प्रवासी मजदूर: उद्धव

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जनता से अपील की है वे कोरोना लेकर अपने गांव-घर न जाएं। वह सोमवार को लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू होने के बाद राज्य की जनता को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य के जो हिस्से ग्रीन जोन हैं उन्हें सुरक्षित रखना है। उन्हें रेड जोन नहीं बनने देना है। जो अभी रेड जोन हैं, उन्हें ग्रीन जोन में बदलना है। इसीलिए रेड जोन में लॉकडाउन के दौरान लगाई गई पाबंदियों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।’

‘मैं महाराष्ट्र में अन्य देशों जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने देना चाहता’  
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘जिन देशों में लॉकडाउन हटाने की जल्दबाजी की गई, वहां फिर सब कुछ बंद कर देना पड़ा। मैं महाराष्ट्र में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देना चाहता। अगर लॉकडाउन बढ़ाने के लिए कोई मेरी आलोचना करता है, तो वह भी मुझे स्वीकार है।’ उन्होंने कहा कि लॉकडाउन बढ़ाकर किसी को खुशी नहीं मिल रही, लेकिन कोरोना की शृंखला को तोड़ने के लिए फिलहाल यही एकमात्र उपाय है।

उद्धव ने कहा, ‘अप्रैल में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के जो संभावित आंकड़े बताए जा रहे थे, उन्हें सुनकर डर लगने लगा था। मगर हमने उन आंकड़ों को काफी हद तक झूठा साबित कर दिया। मैं आंकड़ों पर नहीं जाना चाहता। मेरा फोकस लोगों की परेशानी कम करने और ज्यादा से ज्यादा राहत देने पर है।’ उन्होंने कहा, ‘लॉकडाउन के चौथे चरण में काफी बदलाव किए गए हैं।’

आयुर्वेद के मैनॉल सिरप का मरीजों पर ट्रायल

कोरोना संक्रमण के बिना लक्षण वाले मरीजों पर आयुर्वेद का मैनॉल सिरप का ट्रायल किया जाएगा। शरू में यह ट्रायल सिर्फ 100 मरीजों पर किया जाएगा। इसके परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा, इसके बाद इसे अन्य लोगों को भी दिया जाएगा। बीमारी में आयुर्वेदिक दवाओं का असर देखने के लिए चरक फार्मा की ओर से यह विशेष ट्रायल किया जाएगा, इसके अलावा लोगों को हर्बल गार्गल भी दिया जाएगा।

कोरोना लॉकडाउन के बीच मुंबई में समुद्र किनारे का एक नजारा। आम दिनों में प्रदूषण के कारण यह इतना साफ़ नजर नहीं आता था।

1 से 31 जुलाई के बीच आयोजित होंगी मुंबई यूनिवर्सिटी में परीक्षाएं

यूजीसी गाइडलाइंस के अनुसार मुंबई विश्वविद्यालय ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के सभी कोर्सों के अंतिम वर्ष के अंतिम सत्र की परीक्षा 1 से 31 जुलाई तक आयोजित करेगा। विश्वविद्यालय के अनुसार, 13 मार्च तक जितना पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के विभागों और कॉलेजों में पढ़ाया गया है, उतने में से ही परीक्षा में प्रश्न पूछे जाएंगे। जो विद्यार्थी पिछले साल दो से अधिक विषयों में एटीकेटी की वजह से प्रवेश नहीं ले पाए थे, उन्हें अगले शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन ऐसे विद्यार्थियों को अगला शैक्षणिक वर्ष शुरू होने के 120 दिन के भीतर परीक्षा देनी होगी। जुलाई में होने वाली परीक्षा के लिए टाइम टेबल 20 जून के बाद जारी होगा।

केंद्रीय सुरक्षा बलों की 10 टीमें मुंबई पहुंचीं

केंद्रीय सुरक्षा बलों की 10 टीमें मुंबई पहुंच गई हैं। इनमें रैपिड एक्शन फोर्स की 5, सीआईएसएफ की 3 और सीआरपीएफ की 2 टुकड़ियां शामिल हैं। हर टुकड़ी में 100 सुरक्षाकर्मी होते हैं। महाराष्ट्र सरकार ने 20 टुकड़ियां मांगी थीं। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि इन्हें मुंबई, पुणे, औरंगाबाद, मालेगांव और अमरावती में तैनात किया जाएगा।

दिल्ली से लौटे महाराष्ट्र के 1600 छात्र

महाराष्ट्र सरकार के प्रयास से दिल्ली में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे 1,600 विद्यार्थियों को महाराष्ट्र वापस लाया गया है। भुसावल, मुंबई, ठाणे, नासिक और पुणे के कई स्ट्डेंट्स दिल्ली में फंस गए थे। कल्याण के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को जब इस बारे में पता चला, तो उन्होंने विद्यार्थियों से बात की और फिर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सूचित किया। महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार से बात की और फिर ट्रेन से इन स्टूडेंट्स को वापस लाया गया। विद्यार्थियों की ट्रेन शनिवार रात दिल्ली से कल्याण आई। कल्याण पहुंचने के बाद कुछ विद्यार्थी नाराज दिखाई दिए। उनका कहना था कि दिल्ली सरकार और रेलवे ने उनके लिए खाने का इंतजाम नहीं किया 

बीड जिले में भूख से हुई मजदूर की मौत 

बीड जिलें में एक 40 वर्षीय मजदूर का गला हुआ शव बीड के एक गांव से बरामद हुआ है। शख्स की पहचान पिंटू मनोहर पवार के तौर पर हुई है। असिस्टेंट इंस्पेक्टर द्यानेश्वर कुकलरे ने कहा कि परभानी जिला स्थित अपने घर जाने के लिए पवार पुणे से ही पैदल चल दिया था। उन्होंने कहा कि जब उसके परिवार से संपर्क किया गया तो पता चला कि वह लोग शव लेने नहीं आ सकते हैं। ऐसे में पुलिस ने ही पवार का अंतिम संस्कार किया।’ पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रथमदृष्टया पवार की मौत भूख से हुई लगती है। अटॉप्सी की रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

लापरवाही: महिला की जगह परिजनों को सौंपा गया पुरुष का शव 

नई मुंबई के उलवे इलाके के एक अस्पताल में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल के शवगृह में मोहम्मद उमर शेख (29) नाम के व्यक्ति का शव, काजल सूर्यवंशी (18) नाम की लड़की के परिवार को सौंप दिया गया। लड़की के परिवार ने शव बिना देखे जला दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब शेख के परिजन शव लेने अस्पताल पहुंचे। अब मामले की शिकायत वाशी पुलिस से की गई है। शेख मूल रूप से पश्चिम बंगाल के मालदा का रहने वाला था और नई मुंबई के उलवे इलाके में मजदूरी करता था, एक घर में अकेले रहता था। काम बंद होने के बाद उसने फल बेचकर गुजर बसर शुरू कर दी थी, लेकिन इसी बीच नौ मई को उसकी तबियत खराब हुई। उसने एक दोस्त को फोन कर इसकी जानकारी दी, लेकिन दोस्त जब तक पहुंचा, उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के लिए शव वाशी मनपा अस्पताल ले जाया गया और शव परिजनों को कोरोना संक्रमण की जांच रिपोर्ट आने के बाद सौंपने की बात कही गई।


Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Close